Home जीवन मंत्र धर्म-कर्म: वैशाख में जलदान से मिलता है कई तीर्थ दर्शन का फल;...

धर्म-कर्म: वैशाख में जलदान से मिलता है कई तीर्थ दर्शन का फल; इस महीने शिवलिंग, पीपल और तुलसी को जल चढ़ाने की परंपरा भी

0
8


  • Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • In Dharma Karma Vaisakh, Water Donation Gives Many Pilgrimage Results; This Month Also The Tradition Of Offering Water To Shivling, Peepal And Tulsi

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
  • वैशाख में पीपल को जल चढ़ाने से पितरों को तृप्ति मिलती है और धीरे-धीरे परेशानियां भी दूर होती हैं

वैशाख महीना 28 अप्रैल से 26 मई तक रहेगा। स्कंद पुराण में इस महीने को सभी महीनों से श्रेष्ठ बताया गया है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक वैशाख में स्नान-दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने भगवान विष्णु और शिव पूजा के साथ ही तुलसी और पीपल में जल चढ़ाने की परंपरा है।

वैशाख में जलदान
माना जाता है कि इस महीने दान करने से गरीबी से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि जितना पुण्य हर तरह के दान और कई तीर्थों के दर्शन से मिलता है, उसके बराबर पुण्य वैशाख महीने में केवल जलदान से मिल जाता है। इसलिए इन दिनों शिवलिंग, तुलसी और पीपल को जल चढ़ाना चाहिए। साथ ही पानी पिलाकर लोगों की सेवा करनी चाहिए।

भगवान विष्णु और तुलसी पूजा
वैशाख भगवान विष्णु का प्रिय महीना है। इसलिए इन दिनों में उनकी आराधना की जाती है। धर्म ग्रंथों के मुताबिक वैशाख महीने में भगवान विष्णु का अभिषेक और विशेष पूजा करने की परंपरा है। साथ ही इन दिनों सुबह और शाम दोनों समय तुलसी को दीपक लगाना चाहिए। ऐसा करने से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।

पीपल की पूजा
वैशाख माह के दौरान पीपल की पूजा का भी खास महत्व है। इन दिनों में सुबह जल्दी उठकर पानी में गंगाजल, कच्चा दूध और तिल मिलाकर पीपल को चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा मिलती है और पितृ भी तृप्त हो जाते हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here