94.9 F
India
Thursday, May 6, 2021
Home विदेश तनाव को कम करने के लिए बुजुर्ग ढूंढ रहें पार्टनर: अमेरिका में...

तनाव को कम करने के लिए बुजुर्ग ढूंढ रहें पार्टनर: अमेरिका में अकेले रह रहे बुजुर्ग वैक्सीन लगवाने के बाद प्यार की तलाश में जुटे, 4,270 किमी दूरी तय कर ब्याह रचाने को आ रहे


  • Hindi News
  • International
  • The Elderly Living Alone In America, After Getting Vaccinated, Started Looking For Love, Traveling 4,270 Km To Get Married

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

न्यूयॉर्कएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

डेटिंग साइटों पर बुजुर्गों की संख्या 15 फीसदी तक बढ़ी।

अमेरिका में अकेले रहने वाले बुजुर्ग कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने के बाद अब प्यार तलाशने में जुट गए हैं। अब वे खुद काे पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दरअसल, महामारी के चलते पिछले साल ये बुजुर्ग घर में अकेले रहने पर मजबूर थे। तन्हाई के दाैरान उन्हें अहसास हुआ कि जीवन में एक अदद पार्टनर की कितनी जरूरत हाेती है।

दक्षिण अमेरिका में रहने वाले 60 साल के स्टीफन पास्की ने 4,270 किमी की दूरी तय कर कैलिफाेर्निया में रह रहीं 57 साल की मिस लेंज से 3 अप्रैल काे ब्याह रचाया। अमेरिका में 65 साल के 80% बुजुर्गों को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। अब जबकि हालात सामान्य हो रहे हैं, अकेले रहने वाले बुजुर्ग अपने तनाव को कम करने के लिए जल्द से जल्द जीवन साथी पाना चाहते हैं।

अमेरिका में इन दिनों डेटिंग साइटों में भी बुजुर्गों की संख्या 15 फीसदी बढ़ी है। 64 साल की टीचर कैथरिन पाॅमर 8 अप्रैल को वैक्सीन का दूसरा डोज लगवा चुकी हैं। वे हर शनिवार को डेटिंग पर मास्क लगाकर जाती हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का भी भरपूर ख्याल रखती हैं। उनका कहना है कि महामारी ने प्यार पाने का फिर एक बार मौका दिया है, तो समय नहीं गंवाना चाहिए। जब आपके पति न हों तो लगता है कि जिंदगी कितनी छोटी हो गई है।

मैं दोबारा ऐसा तनावभरा अहसास नहीं झेल सकती इसलिए जल्द एक साथी की तलाश में लगी हूं। इसी तरह कैलिफोर्निया में रहने वालीं ग्राफिक डिजाइनर मिस लेंज ने कहा- ‘जब लॉकडाउन लगा तो मैं अपने पिता के साथ फिलाडेल्फिया में थी। वे अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित हैं। लौटी तो लगा कि आगे जिंदगी अकेले गुजारना आसान नहीं है। तभी डेटिंग साइट पर मैंने अपनी पसंद का प्रस्ताव देखा। यह स्टीफन पास्की का था। बात बढ़ी और हम एक-दूजे के हो गए। मेरे लिए बोली-भाषा या रंगत कोई मायने नहीं रखती थी। लेकिन स्टीफन मेरे लिए इतनी दूर का सफर तय कर, वह भी अपना सब कुछ छोड़कर साथ निभाने आया, यह मुझे सबसे अच्छा लगा।

82 साल के जिम ब्रॉयन, 63 साल की एन मास समेत कई बुजुर्ग हैं, जो तनहाई नहीं चाहते। कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफ गलक का कहना है कि महामारी के दौर में बुजुर्गों ने ही सबसे ज्यादा तनाव और अकेलापन झेला है। लेकिन वैक्सीन लग जाने के बाद वे खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, उनमें जीने की इच्छा प्रबल हो रही है, ये वाकई अच्छा संदेश है।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Soya for Immunity: कोरोना काल में सोया फूड्स जरूर खाएं, केंद्रीय संस्था FSSAI का सुझाव

नई दिल्ली: बहुत से लोगों को लगता है कि अंडा, मछली और चिकन-मटन यानी केवल मांसाहारी भोजन ही प्रोटीन से भरपूर होता है....

Recent Comments